नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित आतंकियों की लिस्ट से मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद का नाम हटाने से इनकार कर दिया है। भारत सरकार के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि जमात-उद-दावा (जेयूडी) के चीफ हाफिज ने यूएन से अपना नाम इस लिस्ट से हटाने की अपील की थी।
भारत ने मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की
यह फैसला उस वक्त आया है, जह संयुक्त राष्ट्र की सेंक्शन कमेटी से अपील की गई है कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाया जाए। पुलवामा हमले के बाद भारत समेत अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने यूएन से यह अपील की। जैश ने ही इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
हाफिज लश्कर-ए-तैयबा का को-फाउंडर भी है। सूत्र ने बताया- यूएन ने उसे लिस्ट में बनाए रखने का फैसला तब लिया है, जब भारत ने उसकी गतिविधियों के संबंध में बेहद गोपनीय जानकारियां और साक्ष्य यूएन को मुहैया कराए हैं। इस फैसले की जानकारी हाफिज के वकील हैदर रसूल मिर्जा को इसी हफ्ते दे दी गई है।
जमात-उद-दावा भी यूएन की प्रतिबंधित संगठनों की लिस्ट में है। मुंबई हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति ने 10 दिसंबर 2008 को हाफिज सईद पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस आतंकवादी हमले में 166 लोगों की जान गई थी।
अपने वकील मिर्जा के जरिए सईद ने 2017 में यूएन में प्रतिबंध हटाने की अपील की थी। इस दौरान हाफिज पाकिस्तान में नजरबंद था। इस अपील का भारत के अलावा यूएस, यूके और फ्रांस ने भी विरोध किया था। इन देशों में भी हाफिज को प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि, पाकिस्तान ने इस पर किसी तरह का विरोध दर्ज नहीं कराया था।
स्वतंत्र जांच अधिकारी ने कहा- हाफिज के खिलाफ पर्याप्त सबूत
यूएन ने इस मामले में डेनियल कीपर को स्वतंत्र जांच अधिकारी नियुक्त किया था। कीपर ने कहा कि सभी याचिकाओं की जांच के बाद यह तय किया गया है कि हाफिज का नाम इस लिस्ट में बना रहेगा।
कीपर ने कहा कि सभी जानकारियों को इकट्ठा करने के बाद यह तय किया गया है कि हाफिज पर बैन जारी रहे, क्योंकि उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। संयुक्त राष्ट्र सेंक्शन कमेटी ने यह अनुशंसा की है।
बीते साल के 24 मई को जम्मू के बस स्टैंड पर ग्रेनेड से हमला किया था. इस हमले में दो पुलिसकर्मी और एक आम नागरिक घायल हो गए थे. ग्रेनेड फेंकने के बाद आतंकी भागने में कामयाब रहे थे.
तत्कालीन जम्मू एसएसपी विवेक गुप्ता ने बताया कि हमले में एसएचओ जनरल बस स्टैंड राजेश जसरोतिया और उनका बॉडीगार्ड घायल हो गया था. इस धमाके की चपेट में एक आम नागरिक भी आ गया था. यह घटना तब घटी जब पुलिस पार्टी वाहनों के काफिलों को निकाल रही थी.
खुफिया एजेंसियों ने दिया था ग्रेनेड हमले का अलर्ट
तीन महीने पहले ही खुफिया एजेंसियों ने ग्रेनेड हमले का अलर्ट जारी किया था. एजेंसियों ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के अहम प्रतिष्ठानों और सुरक्षाबलों के कैंपों पर आतंकी ग्रेनेड हमले का प्लान बना रहे हैं. इस अलर्ट के कुछ दिन बाद ही जम्मू बस स्टैंड समेत सुरक्षाबलों के कैंपों के बाहर ग्रेनेड से हमला किया गया था.
Subscribe to:
Comments (Atom)
美检察长因疫情起诉中国 中方:毫无事实和法律依据
中新网北京4月22日电 香港自去年 色情性&肛交集合 爆发“反送中 色情性&肛交集合 ”抗议后政府首次有问责官员 色情性&肛交集合 人事调动,政制及内地事务局局 色情性&肛交集合 长聂德权被平调 色情性&肛交集合 接替罗智光出任 色情性&肛交集合 公务员事务局局长。 色情性...
-
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने पा किस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी साज़िशों के लिए यहां कोई जगह...
-
台 湾总统蔡英文在2020年元旦谈话中对于台湾国会在2019年最后 一天通过的《反渗透法》表示,该法对两岸正常宗教、观光、学术等交流完全不受影响,并强调“我们是反渗透,不是反交流”。 根据该法内容,未来接受中国指示、委托或资助, 透过政治献金来影响台湾选举与集会游行等政治行为...
-
Женщина, у которой по всей видимости случилось душевное помешательство, сбросила в ночь на 17 сентября с моста в районе Некрасовка двух свои...